बहु बिधि कर बिलाप जानकी। करि करि सुरति कृपानिधान की॥ कह त्रिजटा सुनु राजकुमारी। उर सर लागत मरइ सुरारी॥6॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More