लागहिं सैल बज्र तन तासू। खंड खंड होइ फूटहिं आसू॥ चला न अचल रहा रथ रोपी। रन दुर्मद रावन अति कोपी॥2
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
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