कहँ कोसलाधीस द्वौ भ्राता। धन्वी सकल लोत बिख्याता॥ कहँ नल नील दुबिद सुग्रीवा। अंगद हनूमंत बल सींवा॥1॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More