लै सुग्रीव संग रघुनाथा। चले चाप सायक गहि हाथा॥ तब रघुपति सुग्रीव पठावा। गर्जेसि जाइ निकट बल पावा॥13॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More