बिरहवंत भगवंतहि देखी। नारद मन भा सोच बिसेषी॥ मोर साप करि अंगीकारा। सहत राम नाना दुख भारा॥3॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More