तेहि बननिकट दसानन गयऊ। तब मारीच कपटमृग भयऊ॥ अति बिचित्र कछु बरनि न जाई। कनक देह मनि रचित बनाई॥1॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More