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श्री दुर्गाजी स्तुति संग्रह

भवान्यष्टकम् स्तोत्र हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित | Bhavanyashtkam Stotram Lyrics in Sanskrit English

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भवान्यष्टकम् स्तोत्र हिंदी अंग्रेजी अर्थ सहित

 

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता
न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता।
न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥१॥

na tāto na mātā na bandhurna dātā
na putro na putrī na bhṛtyo na bhartā।
na jāyā na vidyā na vṛttirmamaiva
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥1॥

हे भवानि! पिता, माता, भाई, दाता, पुत्र, पुत्री, भृत्य, स्वामी, स्त्री, विद्या और वृत्ति—इनमेंसे कोई भी मेरा नहीं है, हे देवि! एकमात्र तुम्हीं मेरी गति हो, तुम्हीं मेरी गति हो॥१॥

Neither the Father, nor the Mother; Neither the Relation and Friend, nor the Donor, Neither the Son, nor the Daughter; Neither the Servant, nor the Husband,Neither the Wife, nor the (worldly) Knowledge; Neither my Profession,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

भवाब्धावपारे महादुःखभीरुः
पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्तः।
कुसंसारपाशप्रबद्धः सदाहं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥२॥

bhavābdhāvapāre mahāduḥkhabhīruḥ
papāta prakāmī pralobhī pramattaḥ।
kusaṃsārapāśaprabaddhaḥ sadāhaṃ
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥2॥

मैं अपार भवसागर में पड़ा हुआ हूँ, महान् दुःखों से भयभीत हूँ, कामी, लोभी, मतवाला तथा घृणा योग्य संसार के बन्धनों में बँधा हुआ हूँ, हे भवानि! अब एकमात्र तुम्हीं मेरी गति हो॥२॥

In this Ocean of Worldly Existence which is Endless, I am full of Sorrow and Very much Afraid,I have Fallen with Excessive Desires and Greed, Drunken and Intoxicated,Always Tied in the Bondage of this miserable Samsara (worldly existence),You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

न जानामि दानं न च ध्यानयोगं
न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्रमन्त्रम्।
न जानामि पूजां न च न्यासयोगम्
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥३॥

na jānāmi dānaṃ na ca dhyānayogaṃ
na jānāmi tantraṃ na ca stotramantram।
na jānāmi pūjāṃ na ca nyāsayogam
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥3॥

हे देवि! मैं न तो दान देना जानता हूँ और न ध्यानमार्ग का ही मुझे पता है, तन्त्र और स्तोत्रमन्त्रों का भी मुझे ज्ञान नहीं है, पूजा तथा न्यास आदि की क्रियाओं से तो मैं एकदम कोरा हूँ अब एकमात्र तुम्हीं मेरी गति हो॥३॥

Neither do I know Charity, nor Meditation and Yoga,Neither do I know the practice of Tantra, nor Hymns and Prayers,Neither do I know Worship, nor dedication to Yoga,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

न जानामि पुण्यं न जानामि तीर्थं
न जानामि मुक्तिं लयं वा कदाचित्।
न जानामि भक्तिं व्रतं वापि मातर्
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥४॥

na jānāmi puṇyaṃ na jānāmi tīrthaṃ
na jānāmi muktiṃ layaṃ vā kadācit।
na jānāmi bhaktiṃ vrataṃ vāpi mātar
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥4॥

न पुण्य जानता हूँ न तीर्थ, न मुक्ति का पता है न लय का। हे मातः! भक्ति और व्रत भी मुझे ज्ञात नहीं है, हे भवानि ! अब केवल तुम्हीं मेरा सहारा हो॥४॥

Neither do I Know Virtuous Deeds, nor Pilgrimage,I do not know the way to Liberation, and with little Concentration and Absorption,I know neither Devotion, nor Religious Vows; Nevertheless Oh Mother,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

कुकर्मी कुसङ्गी कुबुद्धिः कुदासः
कुलाचारहीनः कदाचारलीनः।
कुदृष्टिः कुवाक्यप्रबन्धः सदाहम्
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥५॥

kukarmī kusaṅgī kubuddhiḥ kudāsaḥ
kulācārahīnaḥ kadācāralīnaḥ।
kudṛṣṭiḥ kuvākyaprabandhaḥ sadāham
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥5॥

मैं कुकर्मी, बुरी संगति में रहने वाला, दुर्बुद्धि, दुष्टदास, कुलोचित सदाचार से हीन, दुराचारपरायण, कुत्सित दृष्टि रखने वाला और सदा दुर्वचन बोलने वाला हूँ, हे भवानि! मुझ अधम की एकमात्र तुम्हीं गति हो॥५॥

I performed Bad Deeds, associated with Bad Company, cherished Bad Thoughts, have been a Bad Servant,I did not perform my Traditional Duties, deeply engaged in Bad Conducts,My eyes Saw with Bad Intentions, tongue always Spoke Bad Words,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

प्रजेशं रमेशं महेशं सुरेशं दिनेशं
निशीथेश्वरं वा कदाचित्।
न जानामि चान्यत् सदाहं शरण्ये
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥६॥

prajeśaṃ rameśaṃ maheśaṃ sureśaṃ dineśaṃ
niśītheśvaraṃ vā kadācit।
na jānāmi cānyat sadāhaṃ śaraṇye
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥6॥

मैं ब्रह्मा, विष्णु, शिव, इन्द्र, सूर्य, चन्द्रमा तथा अन्य किसी भी देवता को नहीं जानता, हे शरण देने वाली भवानि ! एकमात्र तुम्हीं मेरी गति हो॥६॥

Little do I know about The Lord of Creation (Brahma), The Lord of Ramaa (Goddess Lakshmi) (Vishnu), The Great Lord (Shiva), The Lord of the Devas (Indra),The Lord of the Day (Surya) or The Lord of the Night (Chandra),I do not know about other gods, but always seeking Your Refuge,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

विवादे विषादे प्रमादे प्रवासे
जले चानले पर्वते शत्रुमध्ये।
अरण्ये शरण्ये सदा मां प्रपाहि
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥७॥

vivāde viṣāde pramāde pravāse
jale cānale parvate śatrumadhye।
araṇye śaraṇye sadā māṃ prapāhi
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥7॥

हे शरण्ये! तुम विवाद, विषाद, प्रमाद, परदेश, जल, अनल, पर्वत, वन तथा शत्रुओं के मध्य में सदा ही मेरी रक्षा करो, हे भवानि! एकमात्र तुम्हीं मेरी गति हो॥७॥

During Dispute and Quarrel, during Despair and Dejection, during Intoxication and Insanity, in Foreign Land,In Water, and Fire, in Mountains and Hills, amidst Enemies,In Forest, please Protect me,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

अनाथो दरिद्रो जरारोगयुक्तो
महाक्षीणदीनः सदा जाड्यवक्त्रः।
विपत्तौ प्रविष्टः प्रणष्टः सदाहं
गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि॥८॥

anātho daridro jarārogayukto
mahākṣīṇadīnaḥ sadā jāḍyavaktraḥ।
vipattau praviṣṭaḥ praṇaṣṭaḥ sadāhaṃ
gatistvaṃ gatistvaṃ tvamekā bhavāni॥8॥

हे भवानि ! मैं सदा से ही अनाथ, दरिद्र, जरा-जीर्ण, रोगी, अत्यन्त दुर्बल, दीन, मूंगा, विपद्ग्रस्त और नष्ट हूँ, अब तुम्ही एकमात्र मेरी गति हो॥८॥

I am Helpless, Poor, Afflicted by Old Age and Disease,Very Weak and Miserable, always with a Pale Countenance,Fallen Asunder, Always surrounded by and Lost in Troubles and Miseries,You are my Refuge, You Alone are my Refuge, Oh Mother Bhavani.

इति श्रीमच्छङ्कराचार्यकृतं भवान्यष्टकं सम्पूर्णम् ।


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Shivangi

शिवांगी RamCharit.in को समृद्ध बनाने के लिए जनवरी 2019 से कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। यह इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी में स्नातक एवं MBA (Gold Medalist) हैं। तकनीकि आधारित संसाधनों के प्रयोग से RamCharit.in पर गुणवत्ता पूर्ण कंटेंट उपलब्ध कराना इनकी जिम्मेदारी है जिसे यह बहुत ही कुशलता पूर्वक कर रही हैं।

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