हम देवता परम अधिकारी। स्वारथ रत प्रभु भगति बिसारी।। भव प्रबाहँ संतत हम परे। अब प्रभु पाहि सरन अनुसरे॥6॥
Spread the Glory of Sri SitaRam!श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
Read More