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इंटरनेट पर श्रीरामजी का सबसे बड़ा विश्वकोश | RamCharitManas Ramayana in Hindi English | रामचरितमानस रामायण हिंदी अनुवाद अर्थ सहित

मानस पद संग्रह

वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥

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श्रीगणेशायनमः | Shri Ganeshay Namah
श्रीजानकीवल्लभो विजयते | Shri JanakiVallabho Vijayte
श्रीरामचरितमानस | Shri RamCharitManas
प्रथम सोपान | Descent First
श्री बालकाण्ड | Shri Bal-Kanda
श्लोक 1 | śloka 1 

 

वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥

Varnamarthasanghanaam rasanam chandasampi.
Mangalanan Ch Karttaraou Vande Vanivinayako॥1॥

 

भावार्थ:- अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छन्दों और मंगलों को करने वाली सरस्वतीजी और गणेशजी की मैं वंदना करता हूँ॥1॥

 

varnānāmarthasamghanam rasanam chandasāmapi,
mangalanam ca karttārau vande väņivinayakau.1.

 

I reverence Vani ( the goddess of speech) and Vinayaka (Lord Ganesa), the originators of sounds represented by the alphabet, of the multitudes of objects denoted by those sounds, of poetic sentiments as well as of metres, and the begetters of all auspiciousness.


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